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Dr. Pradeep Jain & Dr. Prriya Jain have an incredible experience of several years to their credit and have helped clients from all over the globe to achieve their life goals. Book your consultation with them and attain maximum success, prosperity & harmony in your life.

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डॉ प्रिया जैन
अध्यात्मिक उपचारक

डॉ. प्रिया जैन एक जानी मानी अध्यात्मिक चिकित्सक होने के साथ–ंसाथ एक Positive Thinker हैं । डॉ. प्रिया जैन का जन्म 5 दिसंबर, 1984 को दिल्ली में हुआ और उनका विवाह अनंत वर्ल्ड के संस्थापक श्री प्रदीप जैन से 2006 में हुआ । बचपन से ही उनमें आगे भड़कर परिस्थितियों को अपने नियंत्रण में लेने और उन्हें ठीक करने का जज्बा रहा है । उन्होेंने अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन एम.कॉम में की है एवं Doctor of Philosophy (Ph.D) “Faith Based Healing, with special reference to Bhaktamar” Zoroastrian College से की है जो कि Open International University for Complementary Medicines, Sri Lanka; United Nations Peace University, Central America & World University, U.S.A. से मान्यता प्राप्त है । डॉ. जैन पिछले 3 वर्षों से International School for Jain Studies (ISJS) से जुड़ी हुई हैं और हर वर्ष विदेशी छात्रों में जैन धर्म का प्रचार कर उन्हें ज्ञान देती हैं । अध्यात्मिक चिकित्सा के अलावा डॉ. जैन वास्तुशास्त्र, Pyra वास्तु, रेकी, फेंगशुई, ज्योतिष, क्रिस्टल बॉल गेजिंग, व Magnified Healing Aura Reading में भी पारंगत हैं । अध्यात्मिक चिकित्सा में डॉ. प्रिया जैन भक्ति और विश्वास आधरित ‘भक्तामर स्तोत्र् के श्लोकों के मंत्रेच्चारण से उपचार करती हैं । डॉ. प्रिया जैन ने कई ऐसी लाइलाज बीमारियों का उपचार किया है जिनके लिए डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए थे । वैज्ञानिक तर्कों से यह समझाना लगभग नामुमकिन है कि इन्होंने ऐसा कैसे किया । डॉक्टरों ने भी यह माना है कि डॉ. प्रिया की अध्यात्मिक चिकित्सा बहुत सी लाइलाज बीमारियों से निजात दिला सकती है और चमत्कारी परिणाम दे सकती है । डॉ. प्रिया जैन ने असाध्य रोगों का बिना दवा के उपचार करके लोगों को अचंभित किया है, जैसे कि एक रोगी पीठ की लाइलाज बीमारी से ग्रसित था और उसकी री–सजय़ की हड्डी बुरी तरह से मुड़ चुकी थी । बिना शल्य चिकित्सा के वह रोगी स्वस्थ हो गया । एक रोगी को गले का कैंसर था और उसकी पूरी आवाज जा चुकी थी । डॉ. प्रिया जैन की अध्यात्मिक चिकित्सा से उस कैंसर पीड़ित की आवाज वापस आ गई । वह मानती हैं कि इन असाध्य रोगों की चिकित्सा उनके अंदर की कोई चमत्कारी शक्ति नहीं करती है, बल्कि भक्तामर स्तोत्र् के 48 श्लोक मंत्र् हैं जो अपनी अपार शक्ति से लोगों को अपना विश्वास केन्द्रित करने में मदद करते हैं और उनके रोग दूर हो जाते हैं । इनके उच्चारण में अद्वितीय शक्ति है और इस शक्ति को डॉ. जैन अपने अनुभव, इच्छा शक्ति व समर्पण से केन्द्रित कर पाती हैं । इन्हीं भक्तामर स्तोत्र् के सहारे डॉ. जैन जीवन को आनंदमय बनाती हैं और जीने की राह दिखाती हैं । इनके विश्वास और अनुभव की वजह से अनगिनत रोगी रोग मुक्त हुए हैं और उन्हें आराम की प्राप्ति हुई है । इन्होेंने Cancer, Phoriasis, Kindey Failure, Tuberclosis, Skin Disease, Low IQ जैसे कई रोगों का सफलतापूर्वक इलाज किया है । वे आकर्षण के सिद्धान्तों (Law of Attraction) पर काम करती हैं । जो हम चाहते हैं वो ही हमें मिलता है । भावना ही भव–भ्रमण का कार्य करती है । एक अनुभवी अध्यात्मिक चिकित्सक के नाते उन्होंने अपना जीवन लोगों की सेवा में और उनको भक्तामर स्तोत्रे की अद्वितीय शक्तियों के प्रति जागरूक करने में समर्पित कर दिया है । नियमित प्रयोगों और शोध के माध्यम से डॉ. प्रिया जैन प्राचीन वैज्ञानिक विधियों और सिद्धान्तों की गहराइयों में जाकर उनकी शक्तियों को समझाने का प्रयत्न करती हैं ताकि इन शक्तियों को लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा सके । भारत और अन्य कई देशों में डॉ. जैन नियमित सेमिनार, वर्कशॉप और थेरेपी अधिवेशन के माध्यम से भक्तामर स्तोत्रे की चमत्कारिक रोग हरने वाली शक्तियों का न केवल प्रचार करती हैं बल्कि उनके बारे में लोगों को जागरूक भी करती हैं । न ही केवल शारीरिक बीमारियाँ, डॉ. प्रिया जैन ने कई लोगों की आर्थिक कठिनायाँ भी अपनी अध्यात्मिक चिकित्सा से दूर की हैं । वह दुनिया के कई देशों का भ्रमण करके उद्योगपतियों एवं व्यापारियों को मानसिक और वित्तीय वृद्धि पर नियमित तौर पर ज्ञान देती हैं व उनकी कार्यनीति में सहायता करती हैं ।

उनकी अभिलाषा है कि भारत में कैंसर पीड़ित और अन्य असाध्य रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भक्तामर सम्बोधि केन्द्र की स्थापना की जाए । एक दिव्य आत्मा के होने के नाते उन्होंने अपने कर्त्तव्य का निर्वाह किया है और संपूर्ण मानवता की भलाई के लिए अपना जीवन लगा दिया है ।

डॉ. प्रिया जैन को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है । उनकी देश और समाज के प्रति बड़ी उपलब्धियों के फलस्वरूप उनको राजधानी जैन रतन अवार्ड, जैन महिला रतन अवार्ड, भक्तामर रत्न अवार्ड, International Energy Healing Award से सम्मानित किया गया है । इसके अलावा डॉ. जैन ने भक्तामर और भक्तामर भ्मंसपदह को Asia Book of Records, India Book of Records, Golden Book of Records में भी दर्ज कराया है । यह अवार्ड उन्हें भक्तामर स्तोत्रें पर आधारित श्लोक और मंत्र् उच्चारण विधि द्वारा समाज की सेवा करने के लिए दिए गए हैं ।

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डॉ– प्रदीप जैन
अध्यात्मिक उपचारक, संस्थापक अनंतवर्ल्ड

महाराजा भोज के शासनकाल में महाकवि कालिदास के बहकावे में आकर राजा ने मुनि मानतुंग महाराज को 48 तालों में बंद कर दिया गया लेकिन वह एक अद्भुत साधक थे जिन्हें अपनी शक्ति और अपने प्रभु आदिनाथ पर अखण्ड विश्वास था । वे मानते थे कि प्रभु आदिनाथ का निर्वाण हुए लाखों वर्ष हुए बीत चुके हैं फिर भी उनके अणु परमाणु इस संसार में व्याप्त हैं । और उन्हीं की स्तुति और प्रशंसा करते हुए मुनि मानतुंग स्वामी ने कारगार में भक्तामर स्तोत्र् की रचना की और वे बन्धन मुक्त हुए ।

महाराजा भोज के शासनकाल में महाकवि कालिदास के बहकावे में आकर राजा ने मुनि मानतुंग महाराज को 48 तालों में बंद कर दिया गया लेकिन वह एक अद्भुत साधक थे जिन्हें अपनी शक्ति और अपने प्रभु आदिनाथ पर अखण्ड विश्वास था । वे मानते थे कि प्रभु आदिनाथ का निर्वाण हुए लाखों वर्ष हुए बीत चुके हैं फिर भी उनके अणु परमाणु इस संसार में व्याप्त हैं । और उन्हीं की स्तुति और प्रशंसा करते हुए मुनि मानतुंग स्वामी ने कारगार में भक्तामर स्तोत्र की रचना की और वे बन्धन मुक्त हुए । Motivational Speaker, Positive thinker से भी आगे Power Thinker हैं जो हर नकारात्मक परिस्थितियों को भी अपनी सृजनशीलता से सकारात्मक परिस्थितियों में बदल देते हैं ।

श्री प्रदीप जैन का जन्म राजस्थान में 8 अगस्त 1978 को हुआ था ओर उनका विवाह प्रिया जैन से 2006 में हुआ । दोनों पति–पत्नी जाने–माने अध्यात्मिक उपचारक माने जाते हैं जो कि भक्तामर स्तोत्रें की शक्तियों का प्रयोग करके रोगी को रोग मुक्त करते हैं ।

श्री प्रदीप जैन ने 2010 में दिल्ली में ‘अनंत वर्ल्ड’ की स्थापना की । इस दिव्य केन्द्र में लोगों को रोगों से दूर रखने का एवं रोगियों को स्वस्थ करने का निरंतर प्रयास चलता रहता है । न केवल स्वास्थ्य संबंधित समस्याएँ, जीवन के और भी ऐसे कई पहलू हैं जो इंसान को एक खुशनुमा और सम्पन्न जीवन से दूर रखते हैं, उनके निवारण के प्रयोग एवं शोध इस दिव्य केन्द्र में चलते रहते हैं । इसके साथ साथ श्री प्रदीप जैन ने विश्व के प्रथम भक्तामर क्लीनिक एवं विश्व के प्रथम भक्तामर बैंक की भी स्थापना की ।

श्री जैन एक बहुप्रतिभावान व्यक्ति हैं । रेकी, ज्योतिष शास्त्र्, अंक ज्योतिष, पूर्व जन्म प्रतिगमन, Dowsing, Digital Auro Scanning, मैगनीफाइंड हीलिंग, करुणा हीलिंग, क्रिस्टल हीलिंग, अरोगा हीलिंग, मंत्र् हीलिंग व डिस्टेंस हीलिंग जैसी सभी प्रतिभाओं में इनको महारत हासिल है । अंतहीन प्रतिभा होने के बावजूद श्री प्रदीप जैन को घमण्ड दूर से भी छू नहीं पाया है । प्रदीप जैन के संस्कार बचपन से ही धार्मिक प्रवृति के रहे, अभी भी बहुत ही विनीत एवं सरल स्वभाव के हैं और सरल और सहज जीवन व्यतीत करते हैं । वे जीवन के सही मायने का आत्म संकलन कर चुके हैं और प्रतिदिन उनका यह प्रयास रहता है कि जितना भी हो सके लोगों को सही राह पर लेकर आएँ । अपने ज्ञान का प्रकाश श्री जैन ना केवल भारत में बल्कि समस्त विश्व में फैलाने का प्रयास करते हैं । भक्तामर स्तोत्रें पर आस्था आधारित उपचार (Faith Based Healing) की आलौकिक शक्तियों का ज्ञान वे विश्व– पटल के लोगों में बाँटते हैं ।

मुख्यधारा से जुड़े हुए डॉक्टरों ने भी श्री जैन के द्वारा किए गए उपचारों की शक्ति को स्वीकारा है । श्री प्रदीप जैन का यह मानना है कि जो भी चमत्कारी उपचार उन्होंने किए है, वे वास्तव में चमत्कार नहीं हैं बल्कि भक्तामर स्तोत्रें के 48 श्लोकों एवं मंत्रें के उच्चारण की शक्ति है । श्री प्रदीप जैन ने भक्तामर सम्बोधि कैंसर संस्थान के प्रचार हेतु कई वर्कशॉप और थेरेपी अधिवेशन किए हैं, जिनके दौरान उन्होंने अपने मंत्रऔ की शक्तियों से सैकड़ों लोगों का उपचार किया है । उनका यह एक दीर्घकालीन सपना है कि वह कैंसर के मरीजों के लिए और उन सभी मरीजों के लिए जिनकी बीमारी का इलाज मुख्यधारा के डॉक्टरों के पास नहीं है, वे भक्तामर स्तोत्र् द्वारा उनका उपचार करें ।

डॉ. प्रदीप जैन और डॉ. प्रिया जैन ने भक्तामर और भक्तामर Healing को Asia Book Of Record, India Book Of Records, Golden Book Of Records तथा World Records University में दर्ज कराके अवार्ड प्राप्त कर भारत को गौरवान्वित किया है । यह अवार्ड उन्हें भक्तामर स्तोत्रें पर आधारित श्लोक और मंत्र् उच्चारण विधि द्वारा समाज की सेवा करने के लिए दिए गए हैं । अपने शिष्यों और अपना अनुसरण करने वालोें के साथ मिलकर श्री प्रदीप जैन भारत के एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की तरफ अग्रसर है ।

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