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Shree Bhaktamar Stotra By Anuradha Paudwal Full Audio

भक्तामर-प्रणत-मौलि-मणि-प्रभाणा- मुद्योतकं दलित-पाप-तमो-वितानम् । सम्यक्प्रणम्य जिन-पाद-युगं युगादा- वालम्बनं भव-जले पततां जनानाम् ॥1॥ यःसंस्तुतः सकल-वांग्मय-तत्त्वबोधा- दुद्भूत-बुद्धि-पटुभिः सुरलोक-नाथै । स्तोत्रैर्जगत्त्रितय-चित्त-हरै-रुदारैः, स्तोष्ये किलाहमपि तं प्रथमं जिनेन्द्रम् ॥2॥ बुद्धया विनापि..

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श्री चौबीस तीर्थंकर भगवान की आरती

करहूँ आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे, करहूँ आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे ऋषभ, अजित, संभव जिन-स्वामी, अभिनंदन भगवान, जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे करहूँ आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे..

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भक्तामर महिमा

श्री भक्तामर का पाठ करो, नित प्रात: भक्ति मन लाई| सब संकट जाएँ नशाई || जो ज्ञान-मान- मतवारे थे, मुनि मानतुंग से हारे थे| उन चतुराई..

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॥ भक्तामर-महिमा ॥

श्री भक्तामर का पाठ, करो नित प्रात, भक्ति मन लाई। सब संकट जाएँ नशाई॥ जो ज्ञान-मान-मतवारे थे, मुनि मानतुंग से हारे थे। उन चतुराई से नृपति..

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भक्तामर स्तोत्र की रचना

“भक्तामर स्तोत्र” भक्ति प्रधान स्तोत्र है, जैन काव्य परंपरा में इस स्तोत्र की अपनी महती महिमा और गरिमा हैं, स्वतंत्र पहचान है| अवंति के राजा हर्ष..

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।। श्री भक्तामर स्त्रोत – संस्कृत ।। Shri Bhaktamar stotra – Sanskrit

भक्तामर प्रणत मौलिमणि प्रभाणा। मुद्योतकं दलित पाप तमोवितानम् ॥ सम्यक् प्रणम्य जिन पादयुगं युगादा। वालंबनं भवजले पततां जनानाम् ॥१॥ झुके हुए भक्त देवो के मुकुट जड़ित..

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